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Posts under Poems Category

Inspired by a friend of my friend who actually faced this situation in real life. I got to know this story from a common friend…

तन्हाई के आगोश में डूबता हुआ खुद को खुद से भूलता हुआ ना जाने किस ओर चला जा रहा हूँ मैं क्यों खुद से ख़फा…

पतझड़ का मौसम गुज़र गया सब कुछ बिखरा सिमट गया आज उम्मीदों के फूल खिलते देखता हूँ मैं अपनी ज़िंदगी बदलते देखता हूँ अब मुझे…

तन्हाई के आगोश मे, सपने बुनता जाता हूँ पूछता हूँ खुद से, क्या मैं भी तुझे याद आता हूँ?? मेरे सपनो मे जब तू परी…

आज उसका दीदार हो नही सकता तो क्या गम है राह-ए-उलफत मे हमारा दिल आज भी है, ये क्या कम है !!!!!!!!! आज वो मेरे…

तन्हाई का आलम कुछ इस क़दर छाया है इश्क़ के सबब ने कुछ ऐसा रुलाया है जीने का मन तो नही फिर भी जिए जा…

सुंदरता क्या है? सुंदरता वो नही जो बिना कपड़ो के आजकल खुले-आम बिकती है !!!! सुंदरता वो है जो एक दुल्हन के लिबास मे बिखरती…

तुम मेरे दिल मे रहती हो लहर-ए-इश्क़ बनकर बहती हो मुझसे कभी ख़फा ना होने वाली मेरे इंतज़ार मे रोने वाली “मुझसे बस यूँ ही…

आज अपने आपको आईने मे निहरना अपने रंग रूप को भले ही कुछ संवारना पर एक ख़ास चीज़ भगवान ने दी है आपको ओ-मेहेरबान जो…

इस अकेलेपन मे भी एक मज़ा है पर कभी लगता है ज़िंदगी एक सज़ा है मेरी ज़िंदगी है शायद दूसरो की दी हुई भीख जिसका…